That Coffee

ThatCoffee. Reloaded.
======================
*नर्म पड़ी थी धूप में सर्दी, गर्म पियाला ...कॉफी का
तेरा मेरा सुख दुख बांटे, अपना रिश्ता... कॉफी का!

*एक उमीद रही है बाक़ी, एक सहारा जीने का
एक हवाला वादा तेरा, एक है वादा.. कॉफी का

*दुनिया भर का इश्क़ निचोड पड़ा था टेबल पर तनहा
लाली थी कोरों पर, आधा कप था छोड़ा ... कॉफी का

*सर्द था मौसम, बेकाबू मन, उसपर  कम्पन हाथों का
होंठों पर दस दिन लेकर मैं घूमा छाला कॉफी का

*उसके कप से कॉफी पीना खुशफहमी का बोसा था
जैसे रम का पेग मिला कर जाम बनाना कॉफी का

*उसके जाने पर मुझको बस ज़हर ने ज़िन्दा रक्खा है
एक सहारा सिगरेट का.. और एक है साला! कॉफी का

*आधी पी थी, हाथ से छलकी, दाग़ जो गहरा छोड़ गई
"उस कॉफी" की बात अलग थी, ज़ौक़ निराला कॉफी का

*होश-हवास शिथिल क्यों है, के आज समाअत^ धीमी है
रंग, लम्स, रस, गन्ध, नशा...लो नाम दुबारा कॉफी का!

~RC
------------
^समाअत- hearing
^लम्स-sense of touch
^रंग, लम्स, रस, गन्ध,समाअत -5 senses

No comments: